CCTV कैमरा क्या है ?
What is CCTV ?
CCTV कैसे काम करता है ?
How works CCTV ?
CCTV कैमरा के बारे में संपूर्ण जानकारी हिन्दी में :
इस आधुनिक दुनिया में जितना ही इंसान तरक्की की ओर बढ़ रहा है उतना ही उसे उतनी ही सेक्युरिटी की जरूरत बढ़ती जा रही है ऐसे में इंसान को सेक्युरिटी को गम्भीरता से लेने की जरूररत है।
आज के इस बदलते युग मे सुरक्षा की दृष्टि से बिज़नेस, सरकारी संस्था, स्कूल, कॉलेज, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे आदि, यहाँ तक की आजकल हमारे गली, मोहल्लों और हमारे घरों तक को सेक्युरिटी की बहुत आवश्यकता है।
ऐसे जगहों पर अपराध और चोरी के बढ़ने के साथ - साथ ही यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है कि हमें सेक्युरिटी के विकल्प के बारे में विचार करना चाहिए।
घर और कार्य कारी संस्थानों आदि जगहों पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए सबसे लोकप्रिय और प्रभावी तरीका है CCTV कैमरा सबसे अच्छा और बेहतर विकल्प होगा CCTV कैमरा ।
CCTV कैमरे चोरी में एक सफल प्रतिबंध के रूप में काम करते है, CCTV कैमरे कम से कम एक- दो बार तो सोचने पर मज़बूर ही कर देते हैं कि यहाँ CCTV कैमरे लगे हैं यहाँ चोरी करने पर पकड़े जा सकते हैं।
इन दिनों सेक्युरिटी उपकरण में टेक्नोलॉजी बहुत ही आगे बढ़ चुकी है , CCTV का फूटेज आप कहीं भी कभी भी अपने LED टीवी, मॉनिटर, टेबलेट व स्मार्ट फोन आदि में देखने के साथ - साथ रिकॉर्ड भी कर सकते हैं ।
CCTV कैमरा का फुल फॉर्म क्या है?
What is full form ऑफ CCTV camera?
CLOSE CIRCUIT TELEVISION
क्या है CCTV कैमरा ?
What is CCTV camera ?
अधिकांश लोगो को लगता है कि CCTV कैमरे के बारे में समझना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है, हालांकि थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन असंभव नहीं। दोस्तों आजकल की तीव्र गति से बदलती दुनिया में हमें भी अपडेट रहना होगा । जैसा कि आप लोगों में से कई लोगों को CCTV कैमरे के बारे में जानकारी नहीं होगी, लेकिन दोस्तों इसमें घबराने की कोई बात नहीं है, आपका मित्र डिजिटल अरुण आज आप लोगों को CCTV कैमरा क्या है? और ये कैसे काम करता है, ? CCTV कैमरे के कितने प्रकार हैं ? CCTV कैमरा से जुड़ी पूरी जानकारी दूंगा।
CCTV कैमरा क्या है ?
What is CCTV camera?
CCTV यानि की क्लोज सर्किट टेलीवीजन ( Close Circut Television ) इसे वीडियो सर्विलांस के रूप में जाना जाता है । यह एक क्लोज़ सर्किट सिस्टम पर काम करता है । इसमें सभी एलिमेन्ट से सीधे जुड़े होते हैं। CCTV कैमरे के द्वारा प्राप्त फूटेज को DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) या NVR ( नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) पर रिकॉर्ड किये जाते हैं ।
CCTV उपकरण , वीडियो लगातार रिकॉर्ड कर सकते हैं या किसी विशेष घटना या दिन के समय में नज़र रखने के लिए इन्हें प्रोग्राम किया जाता है । वीडियो को विशिष्ट समय की अवधि के लिए गुणवत्ता के विभिन्न स्तरों पर स्टोर किया जा सकता है , और यूजर वापस जाकर पुराने वीडियो की जाँच कर सकता है।
☞ CCTV कैमरा का इतिहास व उत्पति ।
Invention and history of CCTV camera :
CCTV को वास्तव में एक राकेट लाँचिंग के निरीक्षण के लिए जर्मनी में सन् 1942 ई० में इस्तेमाल किया गया था। बाद में CCTV सेक्युरिटी के रूप में बैंको , कासीनो व आदि जगहों में इस्तेमाल की वजह से लोकप्रिय हो गये । लेकिन आजकल के इस दौर में CCTV कैमरों का इस्तेमाल रिटेल बिज़नेस, स्कूल, कॉलेज, सरकारी संस्था, ट्राफिक मानीटिरिंग, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्टस् , इन्स्टीट्यूट, अपने ग्राहकों की सुरक्षा आदि जगहों पर निगरानी के लिए किया जाने लगा है बहरहाल आजकल CCTV कैमरे इतने सरल और सस्ते हो गये हैं की लोग अपनी गली, मोहल्लों के साथ साथ अपने घरों में भी CCTV कैमरे लगवा रहें हैं।
आप को सेक्युरिटी कैमरा को किस प्रकार का उपयोग करना चाहिए?
CCTV कैमरों की एक विस्तृत विविधता वीडियो निगरानी उद्देशयों के लिए मार्केट में आज उपलब्ध है। इनके विभिन्न फीचर्स , स्टाईल, मॉडल और आपसंस् होते हैं और आपको इनडोर या आउटडोर , दिन या रात, या दोनों के दौरान, ऐसे कई फैक्टर पर निर्भर सही CCTV कैमरे का पता लगाना है।
CCTV कैमरा के प्रकार।
Types of CCTV camera .☞
CCTV कैमरा कितने प्रकार के होते हैं ?
CCTV कैमरा के कितने प्रकार हैं ?
How many types of CCTV camera?
1 - डोम CCTV कैमरा ( Dome CCTV Camera)
डोम CCTV कैमरा आम तौर पर घर के अंदर सुरक्षा और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। कैमरा यूनिट एक पारदर्शी डोम के अंदर माउंटेड होता है और वे दोनों सीलिंग माउंटेड या छत पर ब्रेकेट में फिट किए जाते हैं, जो फील्ड व्यू और एप्लिकेशन की आवश्यकता पर निर्भर होता है डोम कैमरे आम तौर पर घरों, कैसीनो, रिटेल स्टोर और स्कूल, कॉलेज आदि जगहों के अंदर निगरानी प्रणाली में इस्तेमाल किये जाते हैं।
उनका डोम का आकार यह बताना मुश्किल कर देता है कि कैमरा किस दिशा में है डोम कैमरा अलग - अलग डिप्लाईमेंट के लिए मिनी और माइक्रो वर्जन में उपलब्ध हैं। और विभिन्न आर्कीटेकचरल स्टाइल को सूट करने के लिए कई हाउजिंग रेंज में उपलब्ध हैं।
डोम कैमरे, टाइप की एक विस्तृत विविधता में आते हैं। प्रत्येक डोम सेक्युरिटी कैमरा का प्रकार यूनिक फीचर्स और फंक्शन प्रदान करता है।
एक से अधिक डिस्क्राइब्ड फीचर्स प्रदान करने वाले कैमरों का चयन करना भी संभव है।
a) इनडोर और आउटडोर सीसीटीवी कैमरा:
Indore and outdoor CCTV camera :
आम तौर पर सभी आउटडोर को घर के अंदर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सभी इनडोर कैमरों को आउटडोर के लिए नहीं इस्तेमाल किया जा सकता । जिन्हें सिर्फ घर के अंदर की सेक्युरिटी की जरूरत है, उन लोगों के लिए इनडोर कैमरा बिल्कुल सही है,जबकि आउटडोर कमरे विशेष मैटेरियल से मिलकर बनता है, ताकि वे मौसम और तापमान का सामना कर सकें। आउटडोर डोम सेक्युरिटी कैमरे वेदरफ्रूफ होते है वे हर मौसम और तापमान का सामना कर सकते हैं।
b) इंफ्रारेड डोम CCTV कैमरा :
Infrared CCTV camera :
इनडोर और आउटडोर सीसीटीवी कैमरा:
आम तौर पर सभी आउटडोर को घर के अंदर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सभी इनडोर कैमरों को आउटडोर के लिए नहीं इस्तेमाल किया जा सकता । जिन्हें सिर्फ घर के अंदर की सेक्युरिटी की जरूरत है, उन लोगों के लिए इनडोर कैमरा बिल्कुल सही है, जबकि आउटडोर कमरे विशेष मैटेरियल से मिलकर बनता है, ताकि वे मौसम और तापमान का सामना कर सकें। आउटडोर डोम सेक्युरिटी कैमरे वेदरफ्रूफ होते है वे हर मौसम और तापमान का सामना कर सकते हैं।
c) डे / नाईट डोम कैमरा :
Day / Night dome camera:
अधिकांश CCTV कैमरा डे / नाईट डोम कैमरा होते हैं, जिनमें एक अतिरिक्त संवेदनशील इमेजिंग चिप होती है जो बिना इंफ्रारेड लाईट के कम रोशनी में भी अच्छी इमेज कैप्चर कर सकते हैं। इसका अच्छा उदाहरण यह है कि बाहरी सड़क की कम रोशनी में भी इमेज को कैप्चर कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि, यह कैमरे बिना इंफ्रारेड लाईट के होते है और इसीलिए वे पूरे अंधेरें में इमेज नहीं कैप्चर कर सकते।
d) वैन्डल रेसिस्टेंस CCTV कैमरा :
Vendal resistance CCTV camera :
वैन्डल रेसिस्टेंस CCTV कैमरों का कवर बहुत मजबूत वैन्डल प्रूफ काँच या प्लास्टिक से बना होता है, जो कैमरा को किसी भी तबाही से बचाता है। ऐसे कैमरों को उन एरिया में इस्तेमाल किया जाता है, जहाँ लोगों के कैमरों को नुकसान करने की कोशिश हो सकती है। इन कैमरों को जेलों या उच्च यातायात के क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
e) पैन - टिल्ट - जूम कैमरा ( PTZ Camera) :
PTZ camera :
पैन टिल्ट जूम या PTZ कैमरों को रिमोटली ऊपर या नीचे, दाएँ या बाएँ घूमा सकते है और इन्हें जूम इन और जूम आउट भी कर सकते हैं। इन मूवमेंट की क्षमता से PTZ कैमरे स्थिर दो या दो से अधिक कैमरों की जगह ले सकते हैं।
इन कैमरों में अक्सर Automatic Object Tracking का feature होता है। इसका मतलब है यह Motion का पता लगने पर Zoom In होता है और Motion Object को Follow करता है । PTZ CCTV कैमरे आकार में बड़े होते हैं और इनकी देखने की क्षमता 360 डिग्री होती है। इनमें लेंस का आकार बड़ा होता है जो पूरे क्षेत्र को कवर कर सकता है और इसके साथ ही कैमरों की संख्या को जरूरत के हिसाब से कम कर देता है।
2 ) आई० पी० कैमरा ( IP Camera ) :
Internet protocol camera :
इंटरनेट प्रोटोकाल ( आईपी ) कैमरा एक Web Cam होता है जिसे निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आईपी कैमरे को बिना किसी अन्य Device के सीधे Internet या Wi-Fi नेटवर्क से Connect किया जा सकता है। इन कैमरों को इंटरनेट से कनेक्ट करके यूजर अपने घर, आफिस या दुनिया में कहीं भी ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन की मदद से इस कैमरे की निगरानी के एरिया को देख सकता है।
लेकिन इसक लिए आपको इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से आईपी खरीदना पड़ेगा और कैमरे में Comfigure करना होगा। इस आई० पी० से आप कहीं भी अपने कैमरे को Access कर सकते है। गैर आई० पी० कैमरों आमतौर पर एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर से कनेक्ट होते है। ये सीधे इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होते, लेकिन डी० वी० आर० (DVR) से ये इंटरनेट से कनेक्ट हो सकते हैं।
2) बुलेट कैमरा :
Bullet camera :
बुलेट कैमरा को एक ढाँचे में रखा जाता है, जो आमतौर पर एक बुलेट की एक लंबे सिलेंडर के आकार का होता है। यह ढाँचा कैमरे को सभी प्रकार की स्थिति जैसे- धूल, मिट्टी, बारिश, ओले और हानिकारक तत्वो से सुरक्षा करता है।
ये कैमरे आउटडोर उपयोग के लिए अच्छे होते हैं, विशेष रूप से लंबी दूरी पर नजर रखने के लिए। इनका माउंटिंग ब्रेकेट कैमरे को वांछित दिशा पर नजर रखने के लिए सक्षम बनाता है। इन्हें रेजिडेंशियल प्लेसेस के साथ commersial places पर इस्तेमाल किया जाता है।
बुलेट कैमरा विभिन्न आकार और क्षमता के साथ आते हैं। इनमें से कुछ कैमरे में Mannual Zoom Lense और High Range Capicity हा सकती है इनमें आमतौर पर Automatic Backlite Compensation feature होता है जो कैमरे के Electronic Shutter को Automatic Adjust करता है, जिसे Cotrasting Light में भी देखा जा सकता है। इन्हें Ceeling या Wall पर Install किया जा सकता है, और इनके लिए Power Adopter की आवश्यकता होती है।
3) सी - माउंट कैमरा :
C- mount camera :
सी - माउंट असल में एक लेंस का प्रकार है जिसे सामान्यत: 16 mm फिल्म कैमरों और क्लोज़ सर्किट टीवी में पाया जाता है। सी माउंट कैमरा का Advantege यह है कि इसका लेंस बदला जा सकता है। अगर आपको 35 या 40 फिट की दूरी से चेहरा देखना चाहते है तो आपको एक विशेष लेंस के साथ सी-माउंट कैमरा की आवश्यकता है।
सी- माउंट 4 mm से लेकर 100 mm तक उपलब्ध है। 4 mm लेंस के साथ 70 डिग्री के कोण के Viweing Angle में 35 फिट तक की दूरी का चेहरा देख सकते हैं। इन्हें एक छोटे आफिशया घर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
उपयोग के लिए डोम आईपी कैमरा, जबकि PTZ आईपी कैमरा सबसे अच्छा Viweing Angle देता है और आईपी कैमरा इंफ्रारेड लाईट से लैस होता है जो रात के समय निगरानी कर सकते हैं। इसीलिए यह महत्वपूर्ण है कि कैमरा खरीदने से पहले नेटवर्क सेक्युरिटी कैमरों के विभिन्न प्रकार का पता लगा लेना चाहिए।
☞ घर , दुकान या आफिस में CCTV सेक्युरिटी कैमरा कैसे इंस्टाल करें?
सुरक्षा के लिए कैमरे के द्वारा निगरानी रखना अब सभी घर, दुकान या कमर्शियल जगहों के लिए अतिआवश्यक बनता जा रहा है, और अब यूजर को आम तौर के खतरे, कस्टमाइ जेशन आप्शन्स और पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली के फायदे को समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
एक सफल CCTV सर्विलान्स सिस्टम को लागू करने के लिए सेक्युरिटी प्रोफेसनल्स के लिए यहाँ कुछ तारीके हैं जो स्टेप बाई स्टेप हैं ।
1 ) प्लानिंग
Planning
सबसे पहला स्टेप्स यही है कि आपकी जरूरत के हिसाब से सर्विलांस सिस्टम का एक डायग्राम बना ले। घर, दुकान या आफिस जहाँ भी आपको CCTV लगाना है उसकी एक रूप - रेखा तैयार कर ले। आप किस एरिया पर ज्यादा नजर रखना चाहते हैं उस एरिया को प्राथमिकता दें, और फिर उसके बाद कैमरों को इंस्टाल करने की जगह का फैसला लें।
जब आप कैमरों का लोकेशन का प्लान कर रहे हो तब लाइट की कंडीसन के बारे में विचार करें और यह सुनिश्चित करें की कैमरे के व्यू के बीच में कोई चीज ना आए और कैमरा अपना बेस्ट व्यू दे पाए।
2 ) CCTV कैमरा का चयन :
Selection of CCTV camera :
आजकल तो मार्केट में CCTV कैमरों के भंडार हैं, इसीलिए आपकी स्थिति के लिए सबसे अच्छा कौन- सा कैमरा काम करेगा यह तय करना महत्वपूर्ण हैं।
3 ) उपकरण की जरूरत :
Needed of equipment :
इससे पहले की आप CCTV कैमरा इंस्टाल करें, इनके लिए कौन से उचित उपकरण होने चाहिए इसकी जानकरी होना आवश्यक है। जब आप कैमरा खरीदने जाएं तब इसक साथ कौन - कौन से आईटम मिलते हैं यह जरूर जान ले। मैं आपको नीचे CCTV कैमरा से संबंधित उपकरणो के नाम बताता हू।
CCTV कैमरा के पार्ट :-
Parts of CCTV camera :-
➥ CCTV कैमरा
➥ डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR)
➥ कनेक्टर
➥ हार्डडिस्क
➥ पावर सप्लाई
➥ वायर
➥ मॉउस
➥ एल० ई० डी०
➥ मानीटर
➥ एच० डी० एम० आई० केबल आदि।
सर्विलांस सिस्टम में मुख्य रूप से CCTV कैमरा, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR), पावर सप्लाई, , केबल, मानीटर आदि होते हैं डीवीआर रिकॉर्डिंग को स्टोर करता है और आउटपुट को टीवी या मानीटर पर दिखात है। डीवीआर खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखना होगा कि इस डीवीआर से आप कितने कैमरे कनेक्ट करने वाले हैं।
आमतौर पर डीवीआर 1 , 4 , 8 और 16 चैनल में आता है। इसीलिए अगर आप 4 कैमरे लगाने जा रहे है तो 4 चैनल का डीवीआर ले सकते हैं, लेकिन भविष्य में अगर और कैमरे बढ़ान का प्लान है तो कैमरा कि संख्या से ज्यादा चैनल का डीवीआर लें। इसमें 1 टीबी (Tera Byte) क्षमता की हार्डडिस्क लगा लें, जो 30 दिनों तक की रिकॉर्डिंग स्टोर करके रख सकती है।
4) इंस्टालेशन लोकेशन को सेलेक्ट करें :
Select your installation location :
जब CCTV कैमरों के इंस्टालेशन के समय जब आपके हाथों कैमरे में कैमरे का सभी उपकरण हो तब अगला स्टेप्स है कि आप इंस्टालेशन का लोकेशन आउटडोर कैमरों के लिए दीवार जहाँ छत से मिलती हो ये जगह बेहतर होती है।
इनडोर कैमरों के लिए आपको ऐसे लोकेशन का चयन करना चाहिए जहाँ से आपका कैमरा अपने कवरिंग एरिया को (जिस एरिया को आप कवर करना चाहते हैं ) पूरी तरह कवर कर सके।
इसके साथ ही आपको अपने डीवीआर व डिस्प्ले मानीटर के लिए सही जगह का चयन करना होगा, क्योंकि सभी कैमरों का वायर डीवीआर तक आसानी से आ आ सकें।
5 ) वायरिंग की सेटिंग्स करें :
Settings your wire
वाॅल, सीलिंग और फ्लोर्स के बीच होल ड्रीलिंग करके और केबल बिछाकर केबलिंग करना चाहिए।
6 ) कैमरा लगाए :
Sift your camera
सेक्युरिटी कैमरों के अलग - अलग मॉडल होने से उनका इंस्टालेशन का तरीका भी अलग - अलग होता है, इसक लिए बेहतर यही होगा कि आपको मैनुफैक्चरिंग और इंस्टालेशन के लिए कैमरा के साथ मिलने वाले इंस्ट्रक्सन कार्ड को भली - भाति पढ़ ले या फिर आपको अपने किसी नजदीकी एक्सपर्ट से CCTV कैमरा लगवाना चाहिए जो CCTV इंस्टालेशन का काम करता हो।
7 ) सभी उपकरणो को कनेक्ट करना :
Connect all equipments :
कैमरों के इंस्टालेशन के बाद अगला स्टेप्स यह है कि सर्विलांस सिस्टम के सभी कंपोनेंट को कनेक्ट करे फिर सभी कैमरों को डीवीआर से कनेक्ट करें तब जाके पॉवर कनेक्टर लगाए।
8 ) सिस्टम को काम्फिगर करें :
Configure your system :
सर्विलांस सिस्टम का कम्प्यूटर के साथ काम करने का एक सरल प्रक्रिया है । एक बार सिस्टम पॉवर कनेक्ट हो जाये , फिर कम्प्यूटर पर कैमरे का सॉफ्टवेयर इंस्टाल करें।
Wi-Fi CCTV कैमरा कैसे सेटप करें?
How to steup Wi-Fi CCTV Camera ?
Step 1- Connect DVR with Wi-Fi
Step 2- Download DVR Company Made App From Play Store
Step 3 - Create Your Account
Step 4 - Connect Your DVR's IP Address In Your App
Step 5 - Now You Can Watch Live Your CCTV Camera's
☞ अगर आपको भी अपने घर या दुकान में CCTV कैमरा लगवाना है तो इन बातों का ध्यान रखें -
घर के लिए : -
2 कैमरा मेन गेट पर दोनों तरफ जिससे कोई भी व्यक्ति घर के अन्दर आये तो उसका फेस और उसका पूरा शरीर कैमरे में कवर हो जाये।
1 कैमरा लॉबी में और
1 कैमरा छत पर लगाना चाहिए जिससे छत पर भी निगरानी की जा सके।
दुकान के लिए : -
दुकान के लिए कम से कम 3 कैमरों की जररूत है-
2 कैमरे दुकान के बाहर दुकान दोनों कोनो पर जिनका फोकस दुकान की गेट / शटर पर होना चाहिए।
और 1 कैमरा मेन काउंटर पर होना चाहिए जहाँ पैसों का लेन - देन आदि जरूरी काम होते हो।
CCTV कैमरा के कुछ ब्रांड के नाम : -
CP-Plus
Hikvison
YI
अगर आपको डीवीआर या वॉयर वाले CCTV कैमरा लगवाना हो तो बेहतर यही होगा की आपको अपने नजरदीकी CCTV कैमरा लगाने वाले एक्सपर्ट से ही कैमरा लेना चाहिए क्योंकि अगर बाद में कैमरों या डीवीआर आदि किसी पार्ट में कोई प्रोब्लम आ जाने पर उसे आप आसानी से रेपेयर्स करवा सकते हैं।
अगर आपको आईपी / Wi-Fi / wireless CCTV कैमरा लगवाना चाहते हैं तो आप Online / Offline कहीं से भी ले सकते हैं।





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